3 भारतीय खिलाड़ी जिन्हें विश्व कप के बाद भी लगातार अंतिम एकादश में जगह मिलनी चाहिए

क्रिकेट का महाकुंभ  अब अंतिम चरणों में है। भारत, ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और न्यूजीलैंड सेमीफाइनल में पहुँचने वाली चार टीमें हैं। 9 जुलाई को पहला तथा 11 जुलाई को दूसरा सेमीफाइनल मैच खेला जाएगा। पहले सेमीफाइनल में भारत का मुकाबला न्यूजीलैंड से होगा तथा दूसरे सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया का मुकाबला मेजबान इंग्लैंड से होगा। बता दें कि भारतीय टीम प्वॉइंट टेबल में पहले स्थान पर रही थी। इस वक्त टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली के पास विश्व कप जीतने का बहुत ही सुनहरा अवसर है।
यह विश्व कप कप कई मायनों में टीम इंडिया के लिए बहुत खास है। यूं तो इस टीम में कई खिलाड़ी ऐसे हैं जो अपने आपको पहले ही स्थापित कर चुके हैं लेकिन कई खिलाड़ी ऐसे भी हैं जिन्हें अंतिम एकादश में कभी-कभार ही खेलने का मौका मिलता था लेकिन इस विश्व कप में उनके शानदार प्रदर्शन ने कप्तान कोहली और टीम प्रबंधन को सोचने पर मजबूर कर दिया है।
आज हम आपको ऐसे ही 3 खिलाड़ियों के बारे में विस्तार से बताने वाले हैं जिन्हें ना सिर्फ इस विश्व कप में खेलने का मौका मिला बल्कि उन्होंने अपनने शानदार प्रदर्शन से ये बता दिया कि वो भी किसी से कम नहीं हैं. इसलिए उन्हें भी लगातार अंतिम एकादश में मौके मिलते रहना चाहिए।

#3 केएल राहुल

27 वर्षीय केएल राहुल ने इस विश्व कप में अपने प्रदर्शन से सभी का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है। शिखर धवन के चोटिल हो जाने के बाद जब सभी को लग रहा था कि टीम इंडिया के ऊपर संकट के बादल मंडरा रहे हैं तब इस कलात्मक बल्लेबाज ने रोहित शर्मा के साथ मिलकर पारी की शुरुआत की और अपने बेहतरीन प्रदर्शन की बदौलत शिखर धवन की कमी को महसूस नहीं होने दिया। अब तक केएल राहुल ने इस विश्व कप में 8 मैच खेले हैं और 51.43 की शानदार औसत के साथ 360 रन बनाए हैं, जिसमें एक शतक तथा दो अर्धशतक शामिल हैं।
केएल राहुल तकनीकी तौर पर बहुत ही मजबूत हैं। इस विश्व कप में उन्होंने खुद को साबित भी किया है। उनका नाम विश्व के उन चुनिंदा बल्लेबाजों में शामिल है जिन्होनें क्रिकेट के सभी प्रारूपों में शतक लगाया हो। केएल राहुल की तकनीक और उनके प्रदर्शन को देखकर ऐसा लगता है कि वो लंबी रेस के घोड़े हैं।

#2 ऋषभ पंत

विश्व कप के लिए जब टीम का ऐलान हुआ था तब उसमें ऋषभ पंत का नाम नहीं था लेकिन फिर शिखर धवन के चोटिल हो जाने के बाद उन्हें टीम में शामिल किया गया। अब तक इस विश्व कप में उन्हें 3 मैचों में खेलने का मौका मिला है और उन 3 मैचों में उन्होंने 84 रन बनाए हैं। ऋषभ पंत की सबसे बड़ी खासियत ये है कि वो निर्भीक होकर बल्लेबाजी करते हैं। इसके अलावा वो काफी तेजी से रन बना सकते हैं। ताबड़तोड़ बल्लेबाजी के लिए प्रसिद्ध वो किसी भी गेंदबाज पर प्रहार करने का माद्दा रखते हैं।
उन्हें महेंद्र सिंह धोनी का उत्तराधिकारी कहा जाने लगा है। धोनी भी अपने शुरुआती दिनों में ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करते थे। ऋषभ पंत ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्हें कप्तान कोहली और टीम प्रबंधन को लगातार मौके देना चाहिए। उन्हें जितना ज्यादा मौका दिया जाएगा, वो उतने ज्यादा परिपक्व होते जाएंगे। अभी वो सिर्फ 21 वर्ष के ही हैं लेकिन इतने छोटे-से उम्र में ही अपने प्रदर्शन के बल पर उन्होंने अपनी एक अलग पहचान बनाई है।

#1 मोहम्मद शमी

टीम इंडिया के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी के लिए ये विश्व कप अब तक बहुत ही शानदार रहा है। विश्व कप के शुरुआती मुकाबलों में उन्हें अंतिम एकादश में मौका नहीं मिला था लेकिन फिर भुवनेश्वर कुमार के चोटिल हो जाने के बाद जब उन्हें खेलने का मौका मिला तो उन्होंने उस मौके को दोनों हाथों से लपका। उन्होंने अपने शानदार गेंदबाजी से ये बता दिया कि उनकी जगह बेंच पर नहीं बल्कि खेल के मैदान पर है। भुवनेश्वर कुमार के कारण वो अंतिम एकादश में जगह बनाने में कामयाब नहीं हो पाते थे लेकिन इस विश्व कप में उनका प्रदर्शन भुवनेश्वर की तुलना में काफी अच्छा रहा।
अब तक शमी ने इस विश्व कप में सिर्फ 4 मुकाबले खेले हैं, जिसमें 13.79 की शानदार औसत के साथ 14 विकेट झटके हैं। विश्व कप से पहले भुवनेश्वर कुमार को मोहम्मद शमी के ऊपर तरजीह दी जाती थी लेकिन अब उनके प्रदर्शन को देखकर ऐसा लगता है कि उन्हें भुवी के मुकाबले तरजीह दी जाएगी। मोहम्मद शमी अभी गजब की फॉर्म में हैं और अच्छे से अच्छे बल्लेबाज को भी अपनी गेंदों से परेशान करने का माद्दा रखते हैं।