पाकिस्तान: आतंकियों की जेबें भरने को जुटाए लाखों रुपये, जमात-उत दावा के तीन सदस्य गिरफ्तार

पाकिस्तान ने मुंबई आतंकी हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद के संगठन जमात-उत-दावा के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है. इन पर पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में टेरर फाइनेंसिंग का आरोप है. पाकिस्तान पर आतंकी समूहों के खिलाफ कार्रवाई करने का अंतरराष्ट्रीय दबाव है. गुरुवार देर रात पंजाब पुलिस के काउंटर टेररिज्म डिपार्टमेंट (CTD) ने लाहौर से 150 किलोमीटर दूर फैसलाबाद में छापेमारी के दौरान इन तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया. 
सीटीडी की तरफ से जारी बयान में कहा गया,”इन तीनों के पास से लाखों रुपये बरामद हुए हैं, जो उन्होंने आतंकी वित्तपोषण के लिए जुटाए थे. इनके खिलाफ फैसलाबाद की आतंक रोधी अदालत में रिपोर्ट जमा की गई है. पिछले हफ्ते पाकिस्तान ने जैश-ए-मोहम्मद के 10 सदस्यों को इन्हीं आरोपों के तहत पंजाब से गिरफ्तार किया था. पुलिस ने बताया कि देशभर में टेरर फाइनेंसिंग रोकने के लिए धड़पकड़ चल रही है.
नेशनल एक्शन प्लान 2015 के तहत पाकिस्तानी सरकार ने अपनी धरती पर चल रहे आतंकी संगठनों को उखाड़ फेंकने के लिए मुहिम चलाई है. जिन आतंकी संगठनों पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद् ने रोक लगाई हुई है, इमरान खान सरकार ने उनकी संपत्ति और खाते सीज करने का ऐलान किया है.
रिपोर्ट्स के मुताबिक जबसे पाकिस्तान में इमरान खान सरकार बनी है, तब से जमात-उत-दावा सरगना हाफिज सईद काफी लो-प्रोफाइल हो गया है. सरकार ने जमात और उसकी सहयोगी फलाहाई इंसानियत फाउंडेशन (एफआईएफ) की प्रॉपर्टीज, सेमिनार और मस्जिदों का कंट्रोल अपने हाथों में ले लिया है.
पुलवामा आतंकी हमले के बाद भारी अंतरराष्ट्रीय दबाव के बीच पाकिस्तान सरकार ने जमात और एफआईएफ को बैन करने का ऐलान किया था. इस हमले में 40 सीआरपीएफ जवान शहीद हो गए थे. इसके बाद सईद को लाहौर स्थित जमात के मुख्यालय में घुसने से रोक दिया गया था. जमात को आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का फ्रंट ऑर्गनाइजेशन माना जाता है. इसी आतंकी संगठन के आतंकियों ने 26/11 हमले में 166 लोगों को मौत के घाट उतार दिया था. जून 2014 में इसे आतंकी संगठन घोषित कर दिया गया था.