मोदी सरकार पार्ट-2: सौ दिन के एक्शन प्लान में शामिल हो सकती हैं किसानों की ये योजनाएं, क्योंकि…!

शपथग्रहण समारोह के बाद आज मंत्रियों के विभागों का बंटवारा हो सकता है. इसके बाद सरकार पूरी स्पीड में काम करेगी. सरकार के 100 दिन के एक्शन प्लान में की कुछ योजनाएं शामिल हो सकती हैं. पुरानी योजनाओं को ढंग से लागू करने और किए गए वादों पर अमल हो सकता है. सरकार 100 दिन के लिए ऐसे टारगेट तय करेगी जिन्हें आसानी से हासिल किया जा सके और जिनसे जनता का जीवन बेहतर हो. सरकार 2014 से ही किसानों पर फोकस कर रही है और नई सरकार में भी किसान प्रेम झलकने की उम्मीद है. क्योंकि पुरानी सरकार ही नई सरकार है.

सरकार ने 2022 तक किसानों की आय बढ़ाने का वादा कर रखा है. इस पर  पहले भी सवाल पूछता रहा है और अब उसके तेवर और तल्ख होंगे. पूछा जाएगा कि आखिर किसानों की आय कितनी बढ़ी? इसलिए सरकार का फोकस इस बात पर है कि छोटी-छोटी कोशिशों से किसी तरह किसानों की आय बढ़ाई जाए. आय तब बढ़ेगी जब प्रोडक्टिविटी बढ़े, उत्पादन लागत कम हो, मार्केट की उपलब्‍धता और उचित मूल्य मिले. अप्रैल 2016 में गठित ‘डबलिंग फार्मर्स इनकम कमेटी’ के चेयरमैन डॉ. अशोक दलवाई इन मुद्दों पर काम कर रहे हैं.


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फिलहाल सरकार किसानों को समृद्ध बनाने के लिए जो कदम उठा सकती है उसमें ये पांच बातें अहम हो सकती हैं.

सभी किसानों को सम्मान निधि
देश में 14 करोड़ किसान परिवार हैं. यानी करीब 50 करोड़ लोग. इन्हें साधने के लिए का विस्तार किया जा सकता है. अभी यह सिर्फ 12 करोड़ किसान परिवारों के लिए ही है. इस योजना में सालाना छह हजार रुपये खेती-किसानी के लिए तीन किस्तों में दिए जाने हैं. जिसमें करीब तीन करोड़ किसानों को ही पैसा मिल सका है. जबकि 4.76 करोड़ किसानों ने इसका लाभ लेने के लिए रजिस्ट्रेशन करवा लिया है. ऐसे में किसानों की मांग है कि इसे ठीक तरह से लागू किया जाए ताकि इसके लिए योग्य लोगों तक पैसा पहुंच जाए.

बुजुर्ग लघु सीमांत किसानों को पेंशन
मोदी सरकार किसानों के लिए पेंशन स्कीम शुरू कर सकती है. पार्टी ने लोकसभा चुनाव के अपने संकल्प पत्र में इसका वादा किया था. जिसमें कहा गया था कि 60 साल से अधिक उम्र के किसानों को पेंशन देकर सशक्त किया जाएगा. यह योजना भी लघु एवं सीमांत किसानों के लिए है. यानी दो हेक्टेयर की जोत वालों के लिए. बजट में इसकी घोषणा होने की संभावना है.

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ब्याज मुक्त किसान कार्ड लोन
वादे के मुताबिक सरकार एक से पांच साल के लिए जीरो परसेंट ब्याज पर कृषि कर्ज देगी, लेकिन इसमें मूलराशि के समय पर भुगतान की शर्त होगी. अभी किसान क्रेडिट कार्ड के जरिये खेती के लिए 3 लाख और पशुपालन, मछलीपालन के लिए 2 लाख रुपये तक का कर्ज 7 फीसदी ब्याज पर मिलता है. समय पर पैसा लौटा देते हैं तो 3 फीसदी की छूट मिलती है. इस तरह ईमानदार किसानों को 4 परसेंट ब्याज पर ही पैसा मिल जाता है.

फसलों का भंडारण-ट्रांसपोर्ट
किसानों की आय बढ़े और वे समृद्ध हों इसके लिए मजबूत वेयरहाउस और लॉजिस्टिक नेटवर्क उपलब्ध करवाने का वादा किया है. ताकि किसान जो फसल पैदा कर रहे हैं उसके भंडारण की दिक्कत न हो. किसानों अपनी फसल का भंडारण गांव के नजदीक कर सकें, इसके लिए ग्राम भंडारण योजना शुरू करवाने का भी प्लान है. यही नहीं उत्पाद की भंडारण रसीद के आधार पर  सस्ती दरों पर कर्ज भी मुहैया करवाने का वादा है. इस समय देश भर में कोल्ड स्टोरेज की क्षमता 32 मिलियन टन की है. कोल्ड स्टोरेज के साथ-साथ रीफर वैन की संख्या जरूरत के हिसाब से काफी कम है. 60 हजार रीफर वैन की जगह सिर्फ 10 हजार ही हैं. रीफर वैन का मतलब कोल्ड स्टोर से सामान दूसरे जगह भेजने के लिए ट्रासंपोर्ट से है. यह बढ़ेगी तब किसानों की आय बढ़ेगी.

       

जैविक खेती को बढ़ावा
बीजेपी के वादे के मुताबिक सरकार जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए कोई स्कीम लांच कर सकती है. अगले पांच साल में पहाड़ी, आदिवासी एवं बारिश से सिंचाई वाले क्षेत्रों में  20 लाख हेक्टेयर अतिरिक्त जमीन पर रसायन मुक्त यानी जैविक खेती को बढ़ावा दिया जाएगा. उपभोक्ताओं के दरवाजे तक जैविक उत्पादों की उपलब्धता बढ़ाने के लिए सरकार एक ई-कॉमर्स पोर्टल शुरू कर सकती है. इसके अलावा गोशालाओं को जैविक खेती के प्रोत्साहन के साथ जोड़ा जाएगा. किसानों की आय बढ़ाने के लिए सरकार मधुमक्खी पालन और शहद मिशन शुरू कर सकती है.