करीब दो दशक तक अंतरराष्ट्रीय स्तर की क्रिकेट से जुड़े रहे युवराज सिंह अब टीम इंडिया में मौके तलाशते-तलाशते थक चुके हैं। ऐसे में टीम इंडिया के लिए 400 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय मैचों में 10 हजार से ज्यादा रन बनाने वाले युवराज सिंह संन्यास लेने पर मजूबर हैं। कहीं से एक उम्मीद ये भी नहीं है कि युवराज सिंह को आखिरी बार अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलते देखा जाए। यही वजह है कि युवराज अब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट और फर्स्ट क्लास क्रिकेट को अलविदा कहकर दुनियाभर की टी20 लीग्स में हिस्सा लेना चाहते हैं।
सूत्रों के अनुसार, युवराज इंटरनेशनल और फर्स्ट क्लास क्रिकेट से संन्यास लेने की सोच रहे हैं। उनके पास कनाडा की जीटी20 लीग, आयरलैंड के यूरो टी20 स्लैम और हॉलैंड की टी20 लीग खेलने का ऑफर है।’ ‘सिक्सर किंग’ युवराज ने मान लिया है कि भारतीय टीम में उनकी वापसी अब मुश्किल है। वे अब आईसीसी से मान्यता प्राप्त विदेशों में होने वाली टी20 लीग में खेलने का मना चुके हैं। इसके लिए उन्होंने बीसीसीआई से इसकी इजाजत भी मांगी है।

क्या कहा BCCI अधिकारी ने

वहीं, युवराज सिंह को लेकर बीसीसीआई के सूत्रों का कहना है कि इससे संबंधित नियम देखे जाएंगे। यहां तक कि यदि वह फर्स्ट क्लास क्रिकेट से संन्यास लेंगे तब भी वे बीसीसीआइ के अंदर एक टी20 प्लेयर के रूप में दर्ज रहेंगे। बीसीसीआई के अधिकारी का मानना है कि अगर कोई खिलाड़ी संन्यास लेकर बिग बैश, सीपीएल और बीपीएल में खेलना चाहता है तो उसे अनुमति है।

पिछले लंबे समय से हैं बाहर


युवराज पिछले कुछ लंबे समय से टीम से बाहर चल रहे हैं। युवराज ने अपना आखिरी वनडे 30 जून को एंटीगुआ में वेस्टइंडीज के खिलाफ खेला था। तो आखिरी टेस्ट दिसंबर 2012 में खेला।
अपने ODI 304 मैचों के कैरियर में उन्होंने 27.67 स्ट्राइक रेट तथा 36.55 की औसत से कुल 8701 रन बनाया। जिसमें 908 चौके तथा 155 छक्के सहित 14 शतक और 52 अर्धशतक का अहम रोल है। वहीं अगर अंतरराष्ट्रीय टी-20 की बात करें तो अपने कुल 58 टी-20 मैचों में 100 36.38 के स्ट्राइक रेट से 77 चौके और 74 छक्कों की मदद से कुल 1177 रन बना चुके हैं।
वही 40 टेस्ट मैचों में कुल 62 इनिंग खेल चुके हैं जिसमें उन्होंने 57.97 के स्ट्राइक रेट से तथा 262 चौकी और 22 छक्कों की मदद से कुल 1900 रन बनाए हैं। टेस्ट मैचों में उनका सार्वधिक स्कोर 169 रन है। 3 शतक और 11 अर्धशतक भी टेस्ट मैचों में लगा चुके हैं।

2011 विश्व कप के रहे थे ‘हीरो’


2011 का वर्ल्ड कप युवराज सिंह के लिए बेहद ही शानदार रहा था। इस पूरे टूर्नामेंट के दौरान उन्होंने अपनी गेंदबाजी, फील्डिंग, बैटिंग की बदौलत वे मैन ऑफ द टूर्नामेंट चुने गए। इस वर्ल्ड कप जीत में युवराज सिंह की अहम भूमिका रही। फाइनल मुकाबले में उन्होंने गेंद और बल्ले दोनों से योगदान दिया। इसके अलावा कुल 9 मैचों में 90.5 के जबरदस्त एवरेज से 362 रन बनाए थे। उन्होंने 15 विकेट भी टीम के लिए हासिल किए। इस टूर्नामेंट के दौरान वे चार बार मैन ऑफ द मैच भी चुने गए थे।