गहलोत से राहुल की नाराज़गी के बाद राजस्थान सरकार में मतभेद, सचिन पायलट को सीएम बनाने की मांग

इस बार के लोकसभा चुनावों में कांग्रेस को एक बार फिर मिली करारी हार के बाद से ही कांग्रेस में उठापटक जारी है. वहीं एक तरफ राहुल गांधी अपने इस्तीफे की बात पर अड़े हुए हैं तो दूसरी और राजस्थान कांग्रेस में इसकी जवाबदेही और जिम्मेदारी तय की जाने की मांग उठ रही है.
चुनाव में हार के बाद कांग्रेस पार्टी पर संकट गहराता जा रहा है वहीं पार्टी के कुछ पदाधिकारियों और नेताओं ने पार्टी की स्पष्ट सलाह के बावजूद लोकसभा चुनाव में करारी हार के लिए आत्ममंथन और विस्तृत विश्लेषण की मांग उठाकर इस संकट को हवा दी है. वहीं राजस्थान की बात करें तो वहां पर कांग्रेस कमेटी के सचिव की राय की पार्टी प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट को अशोक गहलोत की जगह मुख्यमंत्री बना देना चाहिए क्योंकि 5 साल तक जो कड़ी मेहनत की है उसी वजह से विधानसभा में पार्टी चुनाव जीत सकी है.
बता दे कि जयपुर से पार्टी उम्मीदवार और जयपुर की पूर्व मेयर ज्योति खंडेलवाल ने भी खराब चुनाव प्रबंधन पर अपना विरोध जताते हुए इसी के चलते उनकी हार हुई है यह बात कही उन्होंने जयपुर सीट पर विस्तृत विश्लेषण की मांग को भी सामने रखा है.
वहीं इसी मामले को लेकर प्रदेश के सचिव सुशील आसोपा ने भी अपने फेसबुक पोस्ट पर मंगलवार को कहा था कि यदि पार्टी ने पिछले वर्ष विधानसभा चुनाव के परिणाम के बाद सचिन पायलट को मुख्यमंत्री बनाया होता तो लोकसभा के चुनाव परिणाम कुछ अलग देखने को मिल सकते थे.
वहीं जयपुर में कांग्रेस की टिकट पर लोकसभा का चुनाव हार चुकी ज्योति खंडेलवाल ने कहा कि उन्होंने जयपुर सी की कार्यप्रणाली का विस्तृत विश्लेषण करने की मांग को लेकर पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी को भी एक पत्र लिखा है.