सरहद पर तैनात फौजी ने मोदी को लिखा पत्र, मेरे बुजुर्ग माता-पिता मुसीबत में हैं, मदद कीजिए

देवास. देश की सेवा में सेना पर तैनात एक सैनिक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक मार्मिक पत्र लिखा है। पत्र में फौजी ने पीएम मोदी से उनके बुजुर्ग माता-पिता की मदद करने की बात कही है क्योंकि क्षेत्र के कुछ दबंग लोग सैनिक के माता-पिता को प्लॉट पर मकान का निर्माण नहीं करने दे रहे हैं। वे उन्हें अलग-अलग तरीकों से धमका रहे हैं। बुजुर्ग दंपती ने नगर परिषद में शिकायत भी की, लेकिन अफसरों ने ध्यान नहीं दिया। इसलिए मजबूरन जवान को पीएम को पत्र लिखना पड़ा।
निर्माण किया तो जान से मार देंगे
पीएम मोदी का यह पत्र भारतीय सेना में 2500 किमी दूर असम के डिब्रूगढ़ में सेवारत फौजी जसरथ सिंह सिसौदिया ने लिखा है। उन्हें देवास के टोंकखुर्द में रह रहे अपने बूढ़े माता-पिता की सुरक्षा को लेकर चिंता है। पत्र में उन्होंने लिखा है कि “मेरे बूढ़े माता-पिता घर में अकेले हैं, कृपया उनकी मदद कीजिए।’ फौजी को पीएम पत्र लिखने की नौबत टोंकखुर्द के अफसरों की बेरुखी की वजह से आई। दरअसल, फौजी के पिता केशरसिंह और माता जसकुंवर बाई को प्रधानमंत्री आवास योजना में घर बनाने के लिए पहली किस्त की राशि मिली तो उन्होंने अपने प्लॉट पर निर्माण चालू किया। निर्माण शुरू होते ही कुछ लोग घर पर आए और प्लॉट को अपना बता कर धमकाने लगे। वे बोल रहे हैं कि मकान बनाया तो जान से मार देंगे, आग लगा देंगे। इसकी शिकायत पुलिस थाने, नगर परिषद, तहसील कार्यालय में की गई लेकिन किसी ने कोई कार्रवाई नहीं की। उल्टा बुजुर्ग माता-पिता को कह रहे हैं-अकेले हो इतनी जमीन का क्या करोगे, छोड़ दो।
कंपनी कमांडर को भी लगाई गुहार
फौजी सिसौदिया ने बुजुर्ग माता-पिता की सुरक्षा को लेकर एक पत्र कंपनी कमांडर को भी लिखा। इसके बाद कंपनी कमांडर ने भी देवास कलेक्टर और एसपी समेत टोंकखुर्द टीआई, तहसीलदार और नगर परिषद सीएमओ को मामले में कार्रवाई के लिए पत्र लिखा है। फौजी की मां जसकुंवर और पत्नी माधवी सिसौदिया मंगलवार को जनसुनवाई में पहुंचीं और गुहार लगाई थी।
कार्रवाई कर रहे हैं
मामले में टोंकखुर्द नगर परिषद सीएमओ स्मिता रावल ने कहा कि हमने दोनों पक्षों को दस्तावेज लेकर बुलाया था। प्रधानमंत्री आवास कंसल्टेंट की रिपोर्ट पर स्वीकृत हुआ है। हम कार्रवाई कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर टोंकखुर्द टीआई सुनील यादव का कहना है कि थाने में इस प्रकार की शिकायत लेकर कोई आया था, इसकी मुझे जानकारी नहीं है।