कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी केंद्र की सत्ता में नहीं आ पाए लेकिन उनके नारे को अमलीजामा पहनाने की कोशिश शुरू हो गई है। केंद्र सरकार में खाली पड़े हजारों पदों को चिन्हित करने और उन पर नियुक्ति के लिए रोडमैप तैयार करने को कहा गया है।
कैबिनेट सचिवालय ने सभी मंत्रालयों से नई सरकार के सामने 100 का एजेंडा तैयार करने को कहा है। पिछले पांच माह में मोदी सरकार की योजनाओं पर क्या काम हुआ, इसका विवरण मांगा गया है।
कैबिनेट सचिवालय में हर महीने सरकारी कामकाज की समीक्षा और योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट पेश की जाती है जिसे पीएमओ प्रधानमंत्री के सामने रखता है। दिसम्बर तक यह काम हुआ लेकिन जनवरी से लेकर मई तक इस पर काम नहीं हुआ क्योंकि सरकार पूरी तरह से चुनावी मोड में चली गई थी लेकिन सरकार मशीनरी भी सुसुप्त स्थिति में चली थी।
मोदी सरकार की प्राथमिकताओं में बड़ी संख्या में सरकारी नौकरियां खोलना होगा। चुनाव प्रचार के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने 22 लाख सरकारी पद खाली होने की बात कही थी और उन्हें अगले साल मार्च तक भरने का वादा किया था। वह सरकार में नहीं आए लेकिन प्रधानमंत्री ने इस पर ध्यान दिया। केंद्र सरकार में करीब दो लाख पद खाली पड़े हैं जिन पर वर्षो से भर्तियां नहीं हुई हैं। सरकारी नियम के अनुसार यदि कोई पद दो साल तक खाली रहता है तो उसे समाप्त कर दिया जाता है। इस वक्त सरकार की नीति ठेके पर लोगों को रखने की है। लेकिन अब सरकार में खाली पदों को भरने की संभावना तलाश रही है। सभी मंत्रालयों से कहा गया है कि वे खाली पदों की शिनाख्त करें और उन्हें भरने का खाका बनाएं।
चुनाव प्रचार के दौरान विपक्षी दलों ने रोजगार की कमी को लेकर केंद्र सरकार की जमकर आलोचना की थी। इसलिए मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में रोजगार सृजन पर जोर रहेगा। रोजगार के अलावा, औद्योगिक विकास, गुणवत्ता युक्त शिक्षा, स्वास्थ्य, ढांचागत विकास, पर्यावरण संरक्षण, मोदी सरकार-1 की फ्लैगशिप योजनाओं को दूसरे कार्यकाल भी जारी रखना, स्मार्ट सिटी और नदियों की सफाई, पेयजल पर फोकस रहेगा।