जीएसटी रिटर्न ने मंगलवार को कहा है कि 1.5 करोड़ रुपए सालाना तक का कारोबार करने वाले माइक्रो स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज को मुफ्त में लेखा-जोखा तथा बिल बनाने की सॉफ्टवेयर की पेशकश कर रहा है। इससे करीब 80 लाख में व्यापारियों को फायदा होगा इससे पहले जीएसटी 80 प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए और उस में तेजी लाने के लिए वित्त मंत्रालय ने रीफंड की मजदूरी और प्रोसेसिंग दोनों काम एक ही प्राधिकरण से फैसला करवाने का निर्णय लिया है। इसके बाद व्यापारियों को केंद्र और राज्य सरकार से मिलने वाली रिटर्न के साथ ही मिल जाएंगे।


जीएसटी नेटवर्क ने बयान में कहा कि सॉफ्टवेयर कंपनियों का बिल और खाता का ब्यौरा तैयार करने में मदद करेगा। सॉफ्टवेयर पोर्टल www.gst.gov.in पर दिए गए डाउनलोड पर क्लिक कर प्राप्त किया जा सकता है।


जिसकी नेटवर्क ने एक वित्त वर्ष में 1.5 करोड़ रुपए से कम कारोबार करने वाले MSME को सॉफ्टवेयर उपलब्ध कराने के लिए बिल और एकाउंटिंग सॉफ्टवेयर विक्रेताओं के साथ गठजोड़ किया है। इसके लिए इन करदाताओं को शुल्क नहीं देना होगा। 8000000 लोग ऐसे हैं जिनका कारोबार 1.5 करोड़ रुपए से कम का है। जीएसटी अधिकारी प्रकाश कुमार ने कहा है कि इस पहल से एमएसएमई डिजिटल प्रणाली की ओर आगे बढ़ेंगे, इससे उनकी कार्यक्षमता बढ़ेगी और अनुपालन बोझ कम करने में मदद मिलेगी