मोदी को फिर से पीएम बनता देख तिलमिलाया पाकिस्तान, कश्मीर मुद्दे पर भारत को दी बड़ी धमकी

इस्लामाबाद। भारत में चुनाव परिणाम आने के बाद पाकिस्तान ने फिर से अनाप-शनाप बयान देना शुरू कर दिया है। नरेंद्र मोदी ( Narendra Modi ) के जीत से तिलमिलाए पाकिस्तान ( Pakistan ) ने कश्मीर मुड़ी पर भारत को बड़ी धमकी दे दी है । पाकिस्तान विदेश कार्यालय ने गुरुवार को कश्मीर की संवैधानिक स्थिति को बदलने के खिलाफ भारत को आगाह किया और आरोप लगाया कि भारतीय सेना कश्मीर में कश्मीरियों पर जुल्म ढा रही है। आपको बता दें कि गुरुवार को ही कश्मीर में खूंखार आतंकी हजरत मूसा को सुरक्षा बलों ने ढेर कर दिया था। जब भी कश्मीर में कोई आतंकी मारा जाता है तो पाकिस्तान बौखलाकर ऐसे बयान देता रहता है।
कश्मीर की स्थिति में न हो कोई बदलाव
साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग में बोलते हुए पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मुहम्मद फैसल ने कहा, “पाकिस्तान जम्मू-कश्मीर विवाद पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों का उल्लंघन करने वाले किसी भी कदम का विरोध करता है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों के अनुसार जब तक कश्मीर पर सुरक्षा परिषद अपने फैसला नहीं देती तब तक जम्मू और कश्मीर की स्थिति में कोई बदलाव नहीं हो सकता है। आपको बता दें कि भाजपा, भारतीय संविधान के अनुच्छेद 370 को रद्द करने की बात करती है जो कश्मीर राज्य को भारतीय संविधान के अंतर्गत एक विशेष दर्जा देता है। भाजपा ने संविधान पर अनुच्छेद 35 ए को भी हटाने का संकल्प लिया है जिसका संबंध कश्मीर से भी है।
चुनाव परिणाम आते ही भारत को धमकी
भारत के चुनाव का परिणाम आते ही पाकिस्तान ने धमकी देते हुए कहा है कि अगर कश्मीर की स्थिति में कोई बदलाव हुआ तो यह डकहीन एशिया के लिए ठीक नहीं होगा। पाक विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा है कि है पाकिस्तान विवादित क्षेत्र पर यूएनएससी के प्रस्तावों का उल्लंघन करने वाले किसी भी कदम का विरोध करता है। यही नहीं पाकिस्तान ने भारतीय सुरक्षा बलों पर आरोप लगाया कि वह जम्मू और कश्मीर के शोपियां, पुलवामा, कुलगाम, सोपोर और भद्रवाह इलाकों में आम नागरिकों पर जुल्म ढा रही है। पाकिस्तानी प्रवक्ता ने हुर्रियत कांफ्रेंस के नेताओं सैयद अली शाह गिलानी और मीरवाइज उमर फारूक के घर गिरफ्तारी और 21 मई को श्रीनगर में कर्फ्यू लगाने की निंदा की। प्रवक्ता ने मोहम्मद यासीन मलिक, शब्बीर अहमद शाह, मसरत आलम भट्ट, डॉ हमीद फैयाज, आसिया अंद्राबी, नाहिदा नसरीन, फहमीदा सोफी, नईम अहमद खान, मोहम्मद हसरत जैसे नेताओं की तबीयत बिगड़ने के बावजूद हिरासत में रखने पर चिंता व्यक्त की।