इस्तीफे पर अड़े कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने की यह अपील

दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष शीला दीक्षित ने कहा कि राहुल गांधी अपना इस्तीफ़ा वापस लें. उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष और कार्यकर्ताओं को लोकसभा चुनावों के परिणाम से निराश होने की ज़रूरत नहीं.

नई दिल्ली: 

लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की हार के बाद अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने पर अड़े हैं. मंगलवार को इसे लेकर पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत एवं उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने उनसे उनके आवास पर मुलाकात की. उधर, दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष शीला दीक्षित ने कहा कि राहुल गांधी अपना इस्तीफ़ा वापस लें. उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष और कार्यकर्ताओं को लोकसभा चुनावों के परिणाम से निराश होने की ज़रूरत नहीं. उधर, द्रमुख प्रमुख एमके स्टालिन ने भी कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से अपने पद से नहीं हटने का अनुरोध किया और कहा कि उनकी पार्टी भले ही आम चुनाव हार गई लेकिन राहुल ने लोगों का दिल जीता है.
डीएमके अध्यक्ष स्टालिन ने कांग्रेस के शीर्ष नेता से फोन पर बात की और उनसे पार्टी अध्यक्ष के पद से इस्तीफा देने का विचार छोड़ने की अपील की. पार्टी के अनुसार स्टालिन ने राहुल से कहा कि कांग्रेस पार्टी को भले ही लोकसभा चुनावों में हार का सामना करना पड़ा लेकिन, ‘आपने लोगों का दिल जीत लिया है.’ राहुल और उनकी मां सोनिया गांधी ने तमिलनाडु में द्रमुक नीत गठबंधन की शानदार जीत के लिए स्टालिन को बधाई दी. द्रमुक ने बयान जारी कर कहा कि स्टालिन 30 मई को आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में वाईएसआर कांग्रेस के प्रमुख जगनमोहन रेड्डी के शपथ ग्रहण समारोह में भाग लेंगे. 
बता दें कि राहुल गांधी ने कहा कि मैं संसद में जिम्मेदारी लेने को तैयार हूं, लेकिन पार्टी एक महीने के भीतर नया अध्यक्ष चुन ले. सूत्रों के मुताबिक राहुल गांधी से गहलोत और पायलट की मुलाकात मुख्य रूप से राजस्थान से संदर्भ में थी जहां पर लोकसभा चुनाव में पार्टी का पूरी तरफ सफाया हो गया है. ग्रेस अध्यक्ष के आवास 12 तुलगक लेन पर सबसे पहले प्रियंका पहुंचीं. इसके बाद केसी वेणुगोपाल, मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला और पायलट पहुंचे. कुछ देर के बाद सुरजेवाला और पायलट वहां से चले गए. इसके बाद गहलोत राहुल के आवास पर पहुंचे. सूत्रों के मुताबिक, राहुल गांधी से मुलाकात से पहले गहलोत ने अलग से प्रियंका से मुलाकात की थी.
गौरतलब है कि राहुल गांधी ने 25 मई को हुई सीडब्ल्यूसी की बैठक में लोकसभा चुनाव में राजस्थान और मध्य प्रदेश में पार्टी के सफाए को लेकर विशेष रूप से नाराजगी जताई थी. सूत्रों और मीडिया में आई खबरों के मुताबिक, सीडब्ल्यूसी की बैठक में राहुल गांधी ने गहलोत, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ और पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम सहित कुछ बड़े क्षेत्रीय नेताओं का उल्लेख करते हुए कहा था कि इन नेताओं ने बेटों-रिश्तेदारों को टिकट दिलाने के लिए जिद की और उन्हीं को चुनाव जिताने में लगे रहे और दूसरे स्थानों पर ध्यान नहीं दिया.
इसी बैठक में हार की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए गांधी ने इस्तीफे की पेशकश की थी. हालांकि, सीडब्ल्यूसी ने प्रस्ताव पारित कर इसे सर्वसम्मति से खारिज कर दिया और पार्टी में आमूलचूल बदलाव के लिए उन्हें अधिकृत किया.