मोदी जी सपथ लेते ही मुस्लिमों के खिलाफ लेंगे बड़े फैसले जाने जरुर

भारतीय जनता पार्टी के नेता और देश में दोबारा सत्ता संभालने जा रहे नरेंद्र मोदी इस समय पूरे देश में चर्चा में चल रहे हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह देश का दोबारा प्रधानमंत्री बनने का अवसर मिलना है। मोदी सरकार ने पहले कार्यकाल में कई बड़े फैसले लिए, इनमें मुसलमानों के लिए हज से लेकर तीन तलाक के फैसले थे। इस बार फिर नरेंद्र मोदी मुसलमानों को लेकर तीन बड़े फैसले ले सकते हैं। इनमें तीसरा फैसला सबसे दमदार है।


मोदी सरकार का पहला फैसला
दोबारा प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी देश के मुसलमानों के लिए जो पहला फैसला ले सकते हैं वो उनको देश की मुख्यधारा से जोड़ना है ताकि उनकी तरक्की हो सके। इसके लिए मोदी सरकार मदरसों का आधुनिकीकरण कर सकती है। मोदी बयान भी दे चुके हैं कि वो मुसलमान के हाथ में कम्प्यूटर और कुरान दोनों देखना चाहते हैं। वहीं संघ की इच्छा भी है कि मदरसों को आधुनिक किया जाए।

ये हो सकता है दूसरा फैसला


मोदी सरकार का दूसरा फैसला मुसलमानों के मन में भाजपा की छवि बदलने वाला हो सकता है। इसके लिए सरकार उनके पिछड़ेपन की समस्या पर फोकस कर सकती है। मुस्लिम समुदाय की पिछड़ेपन पर सच्चर कमेटी ने अपनी रिपोर्ट पेश की थी। हालांकि इस रिपोर्ट पर अमल नहीं हो सका। मोदी सरकार इस कमेटी की सिफारिशों को लागू कर मुस्लिम समुदाय का पिछड़ापन दूर करने की कोशिश कर सकते हैं।
मोदी सरकार का ये हो सकता है तीसरा निर्णय




नरेंद्र मोदी इस बार मुसलमानों की सामाजिक दशा सुधारने की दिशा में बड़ा कदम उठा सकते हैं। पिछली बार उन्होंने तीन तलाक जैसी कुप्रथा पर प्रहार किया था जिसकी वजह से मुस्लिम महिलाओं को उनका समर्थन मिला। इस बार मोदी सरकार मुस्लिम समाज की हलाला प्रथा के खिलाफ भी कानून ला सकती है जो इस समुदाय की महिलाओं को कुप्रथा से आजादी दिला देगा।