इस्लाम दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा धर्म है और उस को मानने वाले लोगों को मुसलमान कहा जाता है अन दिनों की तरह इस्लाम में भी कई नियम है जिनका पर मुसलमान करते हैं उनमें से एक नियम है सूअर का मांस ना करना अधिकतर लोग नहीं जानते कि मुसलमान सूअर का मांस क्यों नहीं खाते हैं तो आज हम आपके पोस्ट में बताएंगे कि मुसलमान सूअर का मांस क्यों नहीं खाते हैं तो आप इस पोस्ट को पूरा पढ़े।

मुसलमान इसलिए नही खाते है सुअर का मांस

1. दोस्तों इस्लाम में सूअर के मांस को हराम बताया गया और इसके मांस का सेवन करने से भी माना किया गया है इसलिए मुसलमान सुअर का मांस नही खाते है।
2.सूअर दूनिया का इकलौता ऐसा जानवर है, जिसे पसीना नहीं आता। सूअर के शरीर में स्वेट ग्लांड्स नही होता, इसलिए उसके शरीर से पसीना नहीं निकलता। जिसकी वजह से उसके शरीर में बनने वाली टॉक्सिन्स उसके मांस में इकट्ठा हो जाता है और इसलिए इसका मांस भी हमारे लिए बहुत नुकसानदेह है।
3.अगर आप सूअर का मांस खाते है तो, आपके शरीर में ये कीड़ा प्रवेश कर जाता है। एक रिसर्च के दौरान पता चला है कि, टेपवार्म एक ऐसा कीड़ा है जो शरीर में कही भी जा सकता है अगर ले दिमाग में चला गया तो उस इंसान को ब्रेन डैमेज होने का खतरा बढ़ जाता है।
4.दोस्तो सूअर खाने वाले लोगों को लीवर से जुड़ी बिमारियां भी पाई जाती है। लगातार सूअर का मास खाने की वजह से दिल से जुड़ी कई बिमारियां जन्म ले लेती है।