हेड कैशियर ने Bank accounts से उड़ाए दो करोड़, आस्ट्रेलिया में रही बेटी को किए ट्रांसफर

जेएनएन, नवांशहर। सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया (सीबीआइ) के हेड कैशियर द्वारा बैंक के खाता धारकों के अकाउंट से 1.97 करोड़ रुपये का गबन करने काम मामला सामने आया है। इसके अलावा खाता धारकों के अकाउंट से 92.86 लाख रुपये की ठगी का एक और खुलासा हुआ है।
कैशियर खातों की रकम को हेरफेर करता रहा और इसकी किसी को खबर नहीं हुई। बैंक की स्पेशल ऑडिट के दौरान हेरफेर का यह मामला पकड़ में आया। हेड कैशियर बैंक से उड़ाई गई रकम को आस्ट्रेलिया में रहने वाली बेटी के खाते में ट्रांसफर करता गया। अब पुलिस ने बैंक अधिकारियों की शिकायत पर हेड कैशियर के खिलाफ एक और धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। यह हेड कैशियर अब तक 1.97 करोड़ रुपये का गबन कर चुका है। पुलिस आरोपित को इस संबंध में पहले हीं पिछले साल  गिरफ्तार चुकी है।

जानकारी के मुताबिक बैंक में सुरिंदर पाल सिंह उर्फ एसपी सिंह ने हेड कैशियर के पद पर रहने के दौरान सारा गबन किया है। खाताधारकों व बैंक से ठगी करने के लिए उसने बहुत ही नायाब तरीका अपनाया। उसने सुनीता रहानू के नाम पर पहले बैंक में खाता खोला। इस संबंध में सुनीता रहानू ने सात जनवरी 2019 को शिकायत की कि उनके नाम पर चल रहे खाते में बहुत सी रकम जमा हुई है और रकम उनके अकाउंट से दूसरे अकाउंट में ट्रांसफर हुई है।
सुनीता ने कहा कि इसके बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है। जब बैंक अधिकारियों ने इसकी पड़ताल की तो पता चला कि एसपी सिंह ने सुनीता के बैंक अकाउंट में गुरदीप सिंह के खाते से रकम ट्रांसफर की थी। 31 जुलाई 2010 को उनके अकाउंट से 8.56 लाख और पांच लाख रुपये चेक के जरिये निकाले गए। एसपी सिंह ने सुनीता इस खाते के जरिये आठ साल में 92.86 लाख रुपये इधर से उधर किए। उसने बैंक के खाता धारकों के रुपये 25 खातों में ट्रांसफर करने के बाद अपने दस फर्जी खातों में ट्रांसफर किए। उसके बाद एटीएम व चेक के जरिये एसपी सिंह यह रुपये निकलवाता रहा। जांच करने पर सारी बात सामने आई। 
बैंक के सीनियर रीजनल मैनेजर मनोज कुमार ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में बताया कि सलोह रोड निवासी एसपी सिंह नवांशहर ब्रांच में 1998 से 2018 तक हेड कैशियर के पद पर तैनात रहा था। बैंक में होने वाली रोज की ट्रांजेक्शन की जिम्मेदारी उसकी थी। बैंक खातों से रुपये निकाले जाने के बारे में बैंक को जानकारी 18 सितंबर 2018 को मंदीप कौर की शिकायत से हुई थी। मंदीप ने शिकायत की थी कि उसके पिता के अकाउंट से 1.05 करोड़ रुपए अवैध रूप से निकाले गए हैं। इसके बाद बैंक ने ब्रांच में स्पेशल ऑडिट करवाई। सीनियर रीजनल मैनेजर के अलावा एजीएम पीके दास आधारित बैंक की टीम ने गत 23 जनवरी को मामले की जांच पूरी कर ली थी।

बैंक की जांच में पता चला है कि एसपी सिंह उन खातों को निशाना बनाता था, जिनके खाता धारक बुजर्ग एनआरआइ हैं, क्योंकि ऐसे लोग बैंक में कभी कभार आते थे। उनकी रकम का ही उसने इधर-से उधर कर गबन किया। जिस प्रकार उसने खातों से रुपये निकाले हैं, आशंका जताई जा रही है कि भारी संख्या में अन्य खातों से रुपये ट्रांसफर किए गए हों।
गांव बरनाला कलां के रहने वाले एनआरआइ परमजीत सिंह छीना ने पुलिस को सितंबर 2018 में शिकायत दी थी कि उनका व उनकी बेटी का सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया (रेलवे रोड) में सांझा खाता है। उनके खाते में कुल 1 करोड़ 87 लाख 43 हजार 697 रुपये जमा थे। वे अपनी पास बुक में रुटीन में ही एंट्री करवाने के लिए बैंक गए तो वे यह देख कर हैरान रह गए कि उनके खाते में सिर्फ 82 लाख रुपये ही बकाया थे।  खाते से किसी ने एक करोड़ 5 लाख रुपये गलत तरीके से निकलवा लिए थे। 
एनआरआइ परमजीत के खाते से किया 1.5 करोड़ का गबन डीएसपी (डी) की तरफ से मामला रजिस्टर करने की सिफारिश की गई थी। जांच में सामने आया कि एसपी सिंह ने अन्य साथी बैंक कर्मचारियों के साथ मिलीभगत कर परमजीत सिंह छीना के खाते से रुपये ट्रांसफर करके निकला लिए थे। इसके बाद पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर लिया था। बताया जा रहा है कि आरोपित ने अदालत में जमानत के लिए आवेदन किया है। इसी दौरान उसका एक और कारनामा खुल गया है। 
आस्ट्रेलिया में रह रही बेटी के खाते में ट्रांसफर करता रहा रकम शातिर एसपी सिंह ने बैंक से निकाले रुपये व ट्रांसफर की गई सारी रकम को इंडसइंड बैंक के जरिए कॉमनवेल्थ बैंक की मेलबोर्न शाखा में मनविंदर कौर के नाम पर ट्रांसफर कर दिए। मनविंदर कौर आरोपित एसपी सिंह की बेटी है।