2014 में मोदी के सत्ता में आने के बाद से शेयर बाजार निवेशकों की पूंजी 75 लाख करोड़ रुपये बढ़ी


नई दिल्लीकी अगुवाई वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सरकार के 2014 में सत्ता में आने के बाद देश  के निवेशकों की पूंजी 75.25 लाख करोड़ रुपये बढ़ी है। इस दौरान बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स 61 प्रतिशत चढ़ा है। शेयर बाजार के 16 मई, 2014 से 23 मई, 2019 की तारीख तक के विश्लेषण से पता चलता है कि इस दौरान बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स 60.89 प्रतिशत या 14,689.65 अंक चढ़ा है.
गुरुवार को सुबह कारोबार के दौरान सेंसेक्स 40,124.96 अंक के अपने सर्वकालिक उच्चस्तर तक पहुंचा था। 16 मई, 2014 से 23 मई, 2019 के दौरान बंबई शेयर बाजार की सूचीबद्ध कंपनियों का  75.25 लाख करोड़ रुपये बढ़कर 150.25 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया। गुरुवार को कारोबार बंद होने के समय बंबई शेयर बाजार की सूचीबद्ध कंपनियों का बाजार पूंजीकरण 1,50,25,175.49 करोड़ रुपये रहा। 

रविवार को 2019 चुनाव के एग्जिट पोल आने के बाद से गुरुवार तक के चार दिनों में सेंसेक्स 1,014.75 अंक उछलकर 40,124.96 अंक तक पहुंच गया। हालांकि, गुरुवार को सेंसेक्स ने दिनभर की बढ़त खोकर 298.82 अंक टूट गया और यह संवेदी सूचकांक 38,811.39 पर आ गिरा। 2014 के लोकसभा चुनाव का परिणाम 16 मई को आया था और बीजेपी 282 सीट जीती थी। उसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में एनडीए ने की सरकार बनी। 

अभी रिलायंस इंडस्ट्रीज लि. (आरआईएल) अभी 8,46,751.88 करोड़ रुपये के बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैपिटलाइजेशन) के साथ देश की सबसे मूल्यवान कंपनी है। उसके बाद 7,72,728.58 करोड़ रुपये के मार्केट कैप के साथ टीसीएस, 6,36,120.68 करोड़ रुपये के मार्केट कैप के साथ एचडीएफसी बैंक, 3,79,028.92 करोड़ रुपये मार्केट कैप के साथ हिंदुस्तान यूनिलीवर लि. और 3,66,149.73 करोड़ रुपये मार्केट कैप के साथ एचडीएफसी का नंबर आता है। 

एमके ग्लोबल फाइनैंशल सर्विसेज लि. में इंस्टिट्यूशनल इक्विटीज के हेड ऑफ सेल्स सिंधु समीर ने कहा, ‘2014 से अब तक के पांच वर्षों में बाजार ने 60% की बहुत बड़ी बढ़त हासिल की है। यह वैश्विक या स्थानीय, किसी भी पैमाने पर शानदार प्रदर्शन है।’