आखिरी सुलझ ही बर्षों पुरानी ये उलझनों में पड़ी गुत्थी

सभी लोगों ने गीजा के पिरामिड का नाम तो जरूर सुना ही होगा और ऐसा माना जाता है कि इन पिरामिडो का निर्माण किसी उन्नत सभ्यता के द्वारा किया गया है| हम आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें कि इन पिरामिडो के अंदर किसी भी प्रकार की मम्मी नहीं निकली है|


हाल ही में हुए एक शोध से यह पता चला है कि इन पिरामिडो का निर्माण एक सोचे समझे कार्य के तहत हुआ है| जिसमें वैज्ञानिकों ने बताया है कि यह एक पावर प्लांट है| क्योंकि वैज्ञानिकों को इसमें कुछ इस प्रकार के एलिमेंट मिले हैं जो उष्मा के अच्छे कंडक्टर होते हैं|वैज्ञानिकों ने यह भी बताया है कि जिस समय इन पिरामिडो का निर्माण हो रहा था उस समय इन पिरामिडो के पास से एक नदी भी होकर गुजरती थी|

शायद आप लोगों को इन बातों पर यकीन ना हो लेकिन यह बात बिल्कुल सत्य है कि गिरजा का पिरामिड उस समय एक प्रकार का पावर प्लांट था| वैज्ञानिकों ने बताया है कि गीजा के पिरामिड में लगने वाले पत्थर चिकने दार होते थे क्योंकि सूर्य से आने वाली किरणों को यह रिफ्लेक्ट कर देते थे, जिससे अंदर गीजा के पिरामिड के अंदर का तापमान सामान्य बना रहता था|
वैज्ञानिकों ने बताया कि हम अभी तक गीजा के पिरामिड को पूरी तरह से समझ नहीं पाए हैं कि यह किस प्रकार कार्य करता था वैज्ञानिकों ने बताया कि यह उस समय की टेक्नोलॉजी से काफी उन्नत था और यदि यह एक पावर प्लांट था तो यह किस कार्य काम आता था वैज्ञानिक इस मामले की जांच में जुटे हैं|