नंबर 1 : गोपालगंज

लोकसभा चुनाव 2019 में भी गोपालगंज सीट से एनडीए के उम्मीदवार को बड़ी जीत मिल सकती है। यहां से जदयू के उम्मीदवार डा. आलोक कुमार सुमन चुनावी मैदान में हैं। उनके सामने राजद के सुरेंद्र महान उम्मीदवार हैं। इन दोनों के बीच मुकाबला एकतरफा माना जा रहा है। ऐसे में एक बार फिर गोपालगंज में जीत का अंतर बड़ा हो सकता है। इस बार भाजपा के वोट के साथ-साथ जदयू का वोट भी गोपालगंज में एनडीए उम्मीदवार को मिलता दिख रहा है। 2014 में इस सीट से भाजपा के जनक राम को 2.86 लाख वोटों से जीत मिली थी।


नंबर 2 : पटना साहिब

लोकसभा चुनाव 2014 में पटना साहिब से भाजपा के टिकट पर शत्रुघ्न सिन्हा ने कांग्रेस के कुणाल सिंह यादव को 2.65 लाख वोट के अंतर से हराया था। उस समय भाजपा के साथ जदयू नहीं थी। इस बार भाजपा व जदयू साथ मिलकर चुनाव लड़ रही है। शत्रुघ्न सिन्हा के खिलाफ बना एंटी इनकंबैंसी समाप्त हो चुका है। क्योंकि, शत्रुघ्न सिन्हा कांग्रेस में जा चुके हैं। भाजपा की ओर से केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने चुनावी मैदान में किस्मत आजमाई है। इस बार वे पिछली बार से भी अधिक अंतर से विपक्षी उम्मीदवार पर जीत हासिल करते दिख रहे हैं।


नंबर तीन : मुजफ्फरपुर

लोकसभा चुनाव 2014 में मुजफ्फरपुर सीट से अजय निषाद 2.22 लाख वोट के अंतर से जीत हासिल की थी। इस बार भी वे इसी अंतर से जीत हासिल करते दिख रहे हैं। सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि इस सीट पर भाजपा के प्रभाव को देखते हुए महागठबंधन ने सबसे नए दल विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) को सीट दे दी। वीआईपी ने जिस प्रकार से यहां पर बेगूसराय से उम्मीदवार डा. राजभूषण चौधरी निषाद को लाया, वह आम लोगों में अपनी पहचान बनाने में भी नाकाम रहा। ऐसे में जो लोग स्थानीय सांसद के कार्य नाखुश भी थे, उन्होंने केंद्र में नरेंद्र मोदी के नाम पर भाजपा को वोट दिया और यह इस बार भी बड़ी जीत की इबारत लिखेगा।


नंबर 4 : मुंगेर

मुंगेर लोकसभा सीट पर इस बार समीकरण बिल्कुल बदला हुआ है। एनडीए की ओर से यहां से लोक जनशक्ति पार्टी की जगह जदयू ने अपना उम्मीदवार खड़ा किया है। वर्ष 2014 में मुंगेर से किस्मत आजमाने वाले ललन सिंह एक बार फिर चुनावी मैदान में हैं। वहीं, महागठबंधन की ओर से कांग्रेस ने बाहुबली अनंत सिंह की पत्नी नीलम देवी को मैदान में उतारा है। वर्ष 2014 में मुंगेर सीट से लोजपा की वीणा देवी को 3.52 लाख, जदयू के ललन सिंह को 2.43 लाख और राजद के प्रगति मेहता को 1.82 लाख वोट मिले थे। इस बार एनडीए वोट एकमुश्त ललन सिंह के पक्ष में जाता दिखा है। ऐसे में ललन सिंह की जीत का अंतर दो लाख पार करने की संभावना है।