लोकसभा चुनाव 2019 अपने मुकाम तक पहुंच गया है. 19 मई को आखिरी चरण का मतदान होने के बाद 23 मई को चुनाव के नतीजे घोषित हो जाएंगे और यह तय हो जाएगा कि देश में अगली सरकार किस दल या गठबंधन की बनने जा रही है. लेकिन नतीजों से पहले ही हर मुमकिन समीकरण के लिहाज से तैयारी भी होती दिख रही है. विपरीत परिस्थितियों में सरकार बनाने के मकसद से क्षेत्रीय दलों को साधने की कवायद भी जोर पकड़ रही है.
इस कड़ी में भारतीय जनता पार्टी के सहयोगी दल जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के वरिष्ठ नेता के.सी त्यागी ने महत्वपूर्ण बयान दिया है. आजतक के खास बातचीत में के.सी त्यागी ने बीजू जनता दल के नवीन पटनायक और वाईएसआर कांग्रेस के जगन मोहन रेड्डी से अपने साथ आने का आह्वान किया है.
के.सी त्यागी ने कहा है कि नवीन पटनायक और उनके पिता बीजू पटनायक जनता दल से जुड़े रहे हैं. इस तरह उनका और हमारा (जेडीयू) डीएनए एक है. वहीं, जगन मोहन रेड्डी आंध्र प्रदेश में ज्यादा सीटें ला रहे हैं. ऐसे में हम चाहते हैं कि नवीन पटनायक और जगन मोहन रेड्डी जैसे क्षेत्रीय क्षत्रप हमारे साथ आएं. हालांकि, अपने बयान पर त्यागी ने यह भी कहा कि इसे चुनावी राजनीति से न जोड़ा जाए.

पीएम नरेंद्र मोदी के साथ ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक

विपक्षी दलों के मंच से अलग रहे हैं बीजेडी-वाईएसआर
के.सी त्यागी का यह बयान इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि ये दोनों क्षेत्रीय दल ऐसे हैं, जो विपक्षी गठबंधन के साथ कहीं भी खड़े नजर नहीं आए हैं. कर्नाटक में कुमारस्वामी के शपथ ग्रहण से लेकर कोलकाता में ममता बनर्जी के मंच पर लगभर सभी बीजेपी और गैर-एनडीए दलों के नेता पहुंचे, लेकिन कहीं भी नवीन पटनायक और जगन मोहन रेड्डी न तो खुद नजर आए और न ही अपने किसी प्रतिनिधि को महागठबंधन के प्रारूप का हिस्सा बनने के लिए भेजा.
यही वजह है कि चुनाव के बाद ये दोनों दल किस तरफ जाएंगे इसे लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा जोरों पर है. चूंकि, कांग्रेस के नेतृत्व गठबंधन से इन दोनों दलों ने दूरी बना रखी है, ऐसे में इन दोनों के एनडीए कुनबे में शामिल होने के अनुमान लगाए जा रहे हैं. हाल ही में ओडिशा में आए फानी तूफान की तबाही का जायजा लेने जब पीएम नरेंद्र मोदी खुद वहां पहुंचे तो इन चर्चाओं को और बल मिला. वहीं, दूसरी तरफ आंध्र प्रदेश में वाईएसआर कांग्रेस के धुर विरोधी टीडीपी नेता चंद्रबाबू नायडू कांग्रेस के साथ विपक्षी एकजुटता के प्रयास में लगे हुए हैं. ऐसे में आंध्र प्रदेश का एक दल पहले से ही कांग्रेस के खेमे में है. हालांकि, जगन मोहन रेड्डी कहते रहे हैं कि उनकी कांग्रेस से दुश्मनी नहीं है, लेकिन जो दल आंध्र को विशेष राज्य का दर्जा देगा, उनका समर्थन उसी को रहेगा.

वाईएसआर कांग्रेस नेता जगन मोहन रेड्डी

इन तमाम अटकलों पर चर्चाओं के बीच अब के.सी त्यागी ने विशेष राज्य का पासा भी फेंकते हुए नवीन पटनायक व जगन मोहन रेड्डी को साथ आने का सार्वजनिक निमंत्रण दे दिया है. के.सी त्यागी ने कहा है कि बिहार को विशेष राज्य का दर्जा मिलने की हमारी पुरानी मांग है. साथ ही नवीन पटनायक ने आपदा के बाद ओडिशा को विशेष राज्य का दर्जा दिए जाने की मांग की है जिसका हम समर्थन करते हैं और वह मांग पूरी होनी चाहिए. इसके अलावा के.सी त्यागी ने कहा कि आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा दिए जाने का प्रस्ताव भी कैबिनेट ने पास किया था और हम मानते हैं कि आंध्र को विशेष राज्य का दर्जा दिए जाने की जगन मोहन रेड्डी की मांग पूरी होनी चाहिए.
यानी विशेष राज्य के दर्जे का तीर छोड़कर के.सी त्यागी ने बीजेडी व वाईएसआर के साथ मिलकर नई बाजी खेलने का दांव जरूर चल दिया है. हालांकि, उनका निशाना कितना सटीक लगता है, ये 23 मई को चुनाव नतीजों के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा